Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां जनता की सुरक्षा और आपातकालीन मदद के लिए दौड़ने वाली डायल-112 की सरकारी गाड़ी के पेट्रोल में हेराफेरी का बड़ा खेल उजागर हुआ है। पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खुद डायल-112 पर तैनात 2 पुलिसकर्मियों पर ही सरकारी वाहन के पेट्रोल की चोरी और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगे। मामले की गोपनीय जांच में पुष्टि होने के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला बरेली में तैनात डायल-112 की गाड़ी संख्या 6854 से जुड़ा हुआ है। इस PRV वाहन पर तैनात हेड कांस्टेबल ब्रजेश कुमार और कांस्टेबल मोन्टी कुमार पर आरोप है कि वे पेट्रोल पंप संचालकों से साठगांठ कर सरकारी वाहन को मिलने वाले पेट्रोल का फर्जी हिसाब-किताब बनाते थे। दोनों पुलिसकर्मी गाड़ी के कोटे से मिलने वाले पेट्रोल में से तेल चोरी से निकालकर उसे खुले बाजार में कथित तौर पर बेच देते थे।सरकारी गाड़ी के तेल में हेराफेरी की भनक जैसे ही आलाधिकारियों को लगी, मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशों पर जब इस पूरे प्रकरण की अंदरूनी जांच कराई गई, तो दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट सामने आते ही एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए हेड कांस्टेबल ब्रजेश कुमार और कांस्टेबल मोन्टी कुमार को सस्पेंड कर दिया। निलंबन के साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय के आदेश जारी कर दिए गए हैं।चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे ऑयल स्कैम में सिर्फ पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि होमगार्ड की भूमिका भी सामने आई है। जांच के दौरान होमगार्ड मुकेश शर्मा का नाम भी इस गड़बड़ी में शामिल पाया गया। चूंकि होमगार्ड विभाग अलग है, इसलिए उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए बरेली के जिला कमांडेंट होमगार्ड को आधिकारिक पत्र भेजा गया है।बरेली पुलिस में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद महकमे में हड़कंप का माहौल है। फिलहाल दोनों सस्पेंड सिपाहियों के खिलाफ विभागीय जांच तेजी से चल रही है। जांच अधिकारी यह खंगालने में जुटे हैं कि यह हेराफेरी कितने लंबे समय से चल रही थी, अब तक सरकारी खजाने को कितने हजार रुपये की चपत लगाई गई और क्या इस पूरे नेटवर्क में पेट्रोल पंप संचालकों के अलावा पुलिस महकमे का कोई अन्य कर्मचारी भी शामिल था। एसएसपी कार्यालय का साफ कहना है कि जांच के अंतिम निष्कर्षों के आधार पर दोषियों पर कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।




















