सी.एम.पी. डिग्री कॉलेज में “दीक्षारम्भ” सह अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारम्भ

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सी.एम.पी. डिग्री कॉलेज में “दीक्षारम्भ” सह अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारम्भ

शहर समता न्यूज़

प्रयागराज, 22 सितम्बर 2026
सी.एम.पी. डिग्री कॉलेज, प्रयागराज के विधि विभाग एवं विधिक सहायता एवं सेवा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में नवप्रवेशित एल.एल.बी. प्रथम सेमेस्टर, शैक्षणिक सत्र 2026–27 के विद्यार्थियों के लिए पाँच दिवसीय “दीक्षारम्भ” सह अभिमुखीकरण कार्यक्रम (Deeksharambh cum Orientation Programme) का मंगलवार को विधि विभाग के कक्ष संख्या–1 में शुभारम्भ हुआ।

कार्यक्रम के प्रथम दिन मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रुचिता चक्रवर्ती, सहायक आचार्य, Campus Law Centre, University of Delhi ने “Constitutional Rights and Access to Justice” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने संविधान प्रदत्त अधिकारों, विधि के शासन (Rule of Law), न्याय तक समान पहुँच तथा विधि विद्यार्थियों की सामाजिक एवं व्यावसायिक जिम्मेदारियों के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को विधि शिक्षा को केवल डिग्री अथवा व्यवसाय तक सीमित न रखकर उसे न्याय, समानता और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़कर देखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में कॉलेज की महत्वपूर्ण समितियों से नवप्रवेशित विद्यार्थियों का परिचय कराया गया। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य डॉ अमित मिश्रा ने छात्र अनुशासन, परिसर आचरण, पहचान एवं जिम्मेदार छात्र जीवन के संबंध में जानकारी दी। इसके पश्चात एंटी-रैगिंग सेल के सदस्य डॉ पूर्णेंदु मिश्रा ने रैगिंग निषेध, शिकायत की प्रक्रिया तथा संस्थान की शून्य-सहनशीलता नीति से विद्यार्थियों को अवगत कराया। स्टूडेंट ग्रीवांस रिड्रेसल सेल की सदस्य डॉ रितु रघुवंशी ने विद्यार्थियों की शिकायतों के निवारण हेतु उपलब्ध संस्थागत तंत्र तथा सहायता के माध्यमों की जानकारी दी। अंत में विद्यार्थियों के प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं पर संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के आरम्भ में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए प्रो. शिव शंकर सिंह, संयोजक, विधि विभाग ने कहा कि “दीक्षारम्भ” विद्यार्थियों की विधि शिक्षा की औपचारिक शुरुआत भर नहीं, बल्कि उन्हें विभाग की शैक्षणिक संस्कृति, अनुशासन, संस्थागत व्यवस्था और पेशेवर उत्तरदायित्व से परिचित कराने का माध्यम है।

डॉ. रमेश कुमार भारती, संयोजक, विधिक सहायता एवं सेवा केंद्र ने कहा कि विधि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों में केवल विधिक ज्ञान विकसित करना नहीं, बल्कि उनमें न्यायबोध, संवैधानिक चेतना, सामाजिक संवेदनशीलता और विधिक सेवा की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने बताया कि पाँच दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिदिन एक बाह्य विधि विशेषज्ञ का अकादमिक व्याख्यान तथा कॉलेज की तीन महत्वपूर्ण समितियों के संयोजकों द्वारा विद्यार्थियों के लिए संक्षिप्त अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

यह कार्यक्रम 22 से 28 सितम्बर 2026 तक पाँच कार्य दिवसों में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विधि शिक्षा, कॉलेज की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था, छात्र कल्याण तंत्र, विभिन्न समितियों तथा उपलब्ध सहायक सुविधाओं से सुव्यवस्थित रूप से परिचित कराना है। कार्यक्रम का संचालन अपूर्वा सिंह ने किया तथा विशेष सहयोग उत्कर्ष यादव और रिया सिंह का रहा।

कार्यक्रम में विधि विभाग के शिक्षकगण प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह, डॉ ब्रह्म देव पांडेय, डॉ रमेश कुमार सिंह, डॉ रमेश कुमार सिंह, डॉ अजय कुमार, डॉ राकेश कुमार गौतम, डॉ पद्मा अपराजिता परिजा, डॉ सोनल खरे, डॉ अशोक कुमार, डॉ रजनीश्वर दत्त किशोर, डॉ तुषार श्रीवास्तव , डॉ अंजलिका, डॉ नंदिनी रायजादा, डॉ गौरव पटेल, डॉ सत्यवान कुमार नायक और विधिक सहायता एवं सेवा केंद्र के स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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