नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक 25 साल की महिला की शिकायत पर FIR दर्ज की है। महिला का आरोप है कि जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके उसकी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई और उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ दिखाया गया। यह मामला नई दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता रिद्धिमा शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी निजी तस्वीर का इस्तेमाल उनकी इजाज़त के बिना किया गया और AI फेस-स्वैपिंग टेक्नोलॉजी से उसमें बदलाव किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके चेहरे को प्रधानमंत्री की तस्वीर पर लगाया गया, जिससे एक मनगढ़ंत और सनसनीखेज तस्वीर बनाई गई।पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “शिकायतकर्ता रिद्धिमा शर्मा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर पर CJP के हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान, कुछ प्रदर्शनकारियों और आयोजकों ने कथित तौर पर उनकी सहमति के बिना उनकी निजी तस्वीर का इस्तेमाल किया और AI फेस-स्वैपिंग टूल्स का इस्तेमाल करके उसे डिजिटल रूप से बदला।शिकायत के मुताबिक, एडिट की गई तस्वीर को बैनर और पोस्टर पर छापा गया और प्रदर्शन के दौरान दिखाया गया। शर्मा ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर लोगों के सामने बैनर लहराए गए और उनके बारे में अपमानजनक नारे लगाए गए और भद्दी व यौन-संबंधी टिप्पणियां की गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान बैनर और नारों के वीडियो रिकॉर्ड किए गए और बाद में इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए।शर्मा ने आरोप लगाया कि उनका CJP, उसके विरोध प्रदर्शन या वहां दिखाई गई सामग्री से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने अपनी शिकायत में CJP के पदाधिकारियों सौरभ दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका और रत्ना सिंह का नाम लिया और आरोप लगाया कि उन्होंने और उनके “सक्रिय साथियों” ने बिना इजाज़त के उनकी निजी तस्वीरें हासिल कीं। उन्होंने आरोप लगाया, “वे सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं।”
शिकायत में नाम होने के बावजूद, FIR में आरोपियों को अज्ञात बताया गया है। पुलिस ने इस चरण में किसी भी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया है।जांच करने वाले अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि कथित तौर पर बदली गई तस्वीर कैसे बनाई गई, छापी गई और दिखाई गई, और साथ ही इसे बाद में ऑनलाइन कैसे फैलाया गया। पुलिस चल रही जांच के हिस्से के तौर पर सभी पहलुओं से इन आरोपों की भी जांच कर रही है।



















