दुनिया में 3000 रुपए की एक बोरी यूरिया, फिर भी 300 रुपए में दे रही सरकार: सीतारमण

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दुनिया में 3000 रुपए की एक बोरी यूरिया, फिर भी 300 रुपए में दे रही सरकार: सीतारमण

अन्नामय्याः आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अन्नामय्या जिले के मदनपल्ले में एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाले वैश्विक बागवानी केंद्र की आधारशिला रखी। उन्होंने भारतीय कृषि स्कूल (आईएसए) की भी आधारशिला रखी। बाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीतारमण ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के योगदान की सराहना की और किसान सम्मान निधि तथा किसान क्रेडिट कार्ड सहित कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसानों को यूरिया की आपूर्ति में भी कोई कमी नहीं होने दी जा रही है। 

सीतारमण ने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय आयातित यूरिया की एक बोरी की कीमत 3,000 रुपये थी। हालांकि, प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि किसान इसे 300 रुपये में खरीदें और केंद्र सरकार 2,700 रुपये की सब्सिडी का खर्च वहन करे। उन्होंने कहा, ”आज भी यूरिया की कीमत लगभग उतनी ही है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि किसानों को प्रति बोरी 300 रुपये से अधिक का भुगतान नहीं करना चाहिए।” 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 122 ऐसी बीज किस्में उपलब्ध कराईं, जो अत्यधिक गर्मी और पानी की कमी को सहन कर सकती हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि रायलसीमा क्षेत्र को वैश्विक बागवानी केंद्र बनाया जाएगा और वह इस संबंध में सीतारमण को जानकारी देते रहे हैं। 

नायडू ने कहा, ”सूखे से प्रभावित रायलसीमा को समृद्धि की भूमि बनाया जाएगा। इसे दुनिया का फल कटोरा बनाएंगे।” उन्होंने कहा कि राज्य, केंद्र की मदद से 40,000 करोड़ रुपये जुटाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र के जरिये 10 लाख किसान और 49 लाख परिवार अपनी आजीविका चला सकेंगे। इस पहल के तहत रायलसीमा के लोग सेब, एवोकाडो, कीवी सहित 20 तरह के फल उगाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कहीं भी किसी विशेष फल के उत्पादन के बारे में पूछा जाएगा तो जवाब रायलसीमा का होगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बागवानी केंद्र को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा और इसमें अनुमानित एक लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसमें तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राजग सरकार 40,352 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि निजी क्षेत्र से 60,000 करोड़ रुपये का निवेश जुटाने के प्रयास किए जाएंगे। भारतीय कृषि स्कूल (आईएसए) के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार होंगे और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) इस पहल में सहयोग के लिए आगे आई है। 

नायडू ने कहा कि भारतीय स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) की स्थापना के समय उन्होंने धीरूभाई अंबानी से संपर्क किया था। उन्होंने आईएसए की स्थापना में असाधारण सहयोग के लिए आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके बेटे अनंत अंबानी का आभार जताया। नायडू ने आरआईएल के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी से रायलसीमा की कृषि उपज के लिए निर्यात केंद्रित और बाजार से जुड़ी प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित करने तथा आईएसए के माध्यम से वैज्ञानिक तैयार करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पोलावरम परियोजना को पूरा कर प्रधानमंत्री मोदी से इसका उद्घाटन कराने का भी आश्वासन दिया। 

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