ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आलोचकों की तुलना ‘कॉकरोच’ से करते हुए आरोप लगाया कि वे देश में अराजकता फैलाने और विकास की राह में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। माझी ने जाजपुर जिले के कलिंगनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जहां भारत मोदी के नेतृत्व में प्रगति कर रहा है, वहीं कुछ आलोचक गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर इस प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
माझी ने कहा, ”जब मोदी के नेतृत्व में भारत प्रगति कर रहा है और ‘विकसित भारत’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब कुछ आलोचक ‘कॉकरोच’ की तरह इधर-उधर घूमते हैं और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर विकास को बाधित करने की कोशिश करते हैं।” उन्होंने कहा, ”वे गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर देश में अराजकता, अस्थिरता और अशांति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। न तो इन विरोधियों के पास विकास का कोई दृष्टिकोण है और न ही राज्य के विकास के लिए कोई प्रतिबद्धता।” किसी पार्टी, संगठन या व्यक्ति का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि आलोचकों का एकमात्र एजेंडा प्रासंगिक बने रहने के लिए आंदोलन करना और अपने पक्ष में विमर्श तैयार करना है।
सभा को संबोधित करते हुए माझी ने कहा, ”यह बात ध्यान में रखिए कि जब हम विकास में जुटे हैं, तब वे आंदोलनों में लगे हैं। जब हम ओडिशा की प्रगति के लिए काम कर रहे हैं, तब वे राजनीति कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उनके विरोधी विकास के लिए काम करने के बजाय राज्य की राजधानी और नयी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल दल एसआईआर प्रकिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी बीजू जनता दल ‘खदान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026’ और पाठ्यपुस्तकों में ”त्रुटियों” के लिए राज्य सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है।




















