सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने छात्रों को दी डिजिटल लाइब्रेरी, जिम और डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल की सौगात

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सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने छात्रों को दी डिजिटल लाइब्रेरी, जिम और डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल की सौगात

लखनऊ:  सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उत्तर प्रदेश सरकार जेपीएस राठौर ने 2 नवंबर को आईसीसीएमआरटी, लखनऊ में छात्रों को कई नई सुविधाओं की सौगात दी। उन्होंने संस्थान में डिजिटल लाइब्रेरी, जिम और डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल का लोकार्पण किया। इसके साथ ही भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से अनुमोदित 150 किलोग्राम तक की मध्यम श्रेणी के ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। 

डिजिटल लाइब्रेरी से छात्रों को आधुनिक अध्ययन सामग्री और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिलेगा, जबकि जिम की सुविधा से वे अपनी शारीरिक क्षमता पर भी ध्यान दे सकेंगे। वहीं डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि वर्तमान समय एआई और आधुनिक तकनीक का है। यदि विद्यार्थी नई तकनीकों और एआई आधारित उपकरणों का उपयोग नहीं करेंगे तो वे समय के साथ पीछे रह जाएंगे। उन्होंने छात्रों से डिजिटल लाइब्रेरी और डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग कर अपनी क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। 

150 किलो तक ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण 

आईसीसीएमआरटी में अब तक 25 किलोग्राम तक के ड्रोन के पायलट प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध थी, जिसे डीजीसीए से मान्यता प्राप्त है। संस्थान द्वारा अब तक 747 महिलाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। डीजीसीए ने अब संस्थान को 150 किलोग्राम तक के मध्यम श्रेणी के ड्रोन के पायलट प्रशिक्षण के लिए भी अधिकृत कर दिया है। इस नई सुविधा से महिलाओं और पुरुषों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के विभिन्न विभागों, जैसे आरपीएफ, सीआरपीएफ, पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को भी ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। 

एम-पैक्स की महिलाओं को मिले प्रमाण पत्र 

कार्यक्रम के दौरान आईसीसीएमआरटी से ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली एम-पैक्स से जुड़ी महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशिक्षित महिलाएं ड्रोन तकनीक का उपयोग बेहतर कृषि प्रबंधन और पैक्स की उपयोगिता बढ़ाने के लिए करेंगी। इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 

सहकारी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर 

आईसीसीएमआरटी को त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय, आनंद, गुजरात से संबद्धता मिलने के बाद संस्थान में कई नए पाठ्यक्रम शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है। संस्थान अब एमबीए-कोऑपरेटिव, एमबीए-एग्रीकल्चर, बीबीए-कोऑपरेटिव एंड फाइनेंस सहित 50 से अधिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अधिकृत हो गया है। इन पाठ्यक्रमों से युवाओं को सहकारी क्षेत्र से जुड़ी बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही एम-पैक्स, डीसीबी, यूपीसीबी, एलडीबी और अन्य सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बैंकिंग और सहकारी क्षेत्र से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी नई तकनीकों से जुड़कर किसानों और आम लोगों को बेहतर सेवाएं दे सकेंगे। 

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, आयुक्त एवं निबंधक कुमार प्रशान्त, अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक प्रशासन अनिल कुमार सिंह, पीसीएफ के प्रबंध निदेशक नीरज शुक्ला, उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता शैलेन्द्र शर्मा ‘अटल’ सहित कई अधिकारी और विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला ने छात्रों से नई तकनीकों को सीखने और उनका उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया। वहीं आयुक्त एवं निबंधक कुमार प्रशान्त ने छात्रों को नई उपलब्धियों के लिए बधाई दी। संस्थान के निदेशक राजीव यादव ने आईसीसीएमआरटी की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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