शहर समता न्यूज़: दिनेश मिश्रा, प्रेमचंद वर्मा, की ओर से हिन्दुस्तानी एकेडेमी के गांधी सभागार में रेनू मिश्रा दीपशिखा की कहानी संग्रह अनुभूति के रंग का लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में महानिदेशक पर्यटन उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. वेदपति मिश्रा उपस्थित रहे। प्रमोद शुक्ला के स्वागत भाषण के पश्चात मंचस्थ अतिथियों ने कहानी संग्रह अनुभूति के रंग का लोकार्पण किया। मुख्य अतिथि डॉ. वेदपति मिश्र ने कहा कि कहानी संग्रह में सामाजिक हित का भाव है। यह कृति सारस्वत साधना का मुखर प्रतिमान है। प्रो. रवि कुमार मिश्रा ने कहा कि अनुभूति और अभिव्यक्ति के आधार पर यह कहानी संग्रह स्वयं का अभिव्यक्तिकरण है। इसमें विचारधारा की प्रतिध्वनि सुनाई पड़ती है। पूर्व कमिश्नर श्री जे एल पाण्डेय ने कहा कि कहानी संग्रह में प्रेरक प्रसंगों का बखूबी चित्रण है। इसमें जीवन संहिता है। डॉ. पीयूष मिश्र पीयूष ने कहानी संग्रह को जीवन भोग के जीवंत अनुभव का यथार्थ दस्तावेज बताया। मानवीय संवेदना के सहज प्रतिदर्श इस संग्रह में दिखाई पड़ते हैं। डॉ. शम्भुनाथ त्रिपाठी अंशुल ने कहा कहानियों में सजीवता है। संवेदना में सक्षमता है। श्रीराम मिश्र तलब जौनपुरी ने कहानी संग्रह को विविध आयामों से जोड़ा। श्रीमती आशा श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव, दीपक त्रिपाठी, उर्वशी उपाध्याय, वन्दना शुक्ला, दिनेश मिश्रा, रेनू मिश्रा दीपशिखा ने भी पुस्तक संबंधी अपने उद्गार प्रकट किये। भारती परिषद के महामंत्री डॉ. शीलधर मिश्र ने समारोह की अध्यक्षता की तथा रेनू मिश्रा को 51 सौ रूपए देकर सम्मानित किया।कवि डॉ. पीयूष मिश्र ‘पीयूष’ ने समारोह का सफल संचालन किया। लोकपाल डॉ. समाज शेखर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर दिनेश मिश्रा, महक जौनपुरी पंकज पांडे, नमन मिश्रा, प्रेमचंद वर्मा, अनुज शुक्ला, बेगम निखत वेद प्रकाश त्रिपाठी, उमेश श्रीवास्तव, नूतन मिश्रा, जया पांडेय, कामिनी शुक्ला, संदीप मिश्रा,अनुज शुक्ला,वीना मिश्रा,मनी पाठक, हर्षित दुबे,डॉ.कमलेश मिश्रा, ध्रुव शंकर, देवयानी, उर्वशी उपाध्याय इत्यादि सुधीजनों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।





















