अमेरिका में ‘बर्थ टूरिज्म’ पर ट्रंप प्रशासन का शिकंजा, दलालों से लेकर मददगारों तक पर कार्रवाई की तैयारी

0
6
अमेरिका में ‘बर्थ टूरिज्म’ पर ट्रंप प्रशासन का शिकंजा, दलालों से लेकर मददगारों तक पर कार्रवाई की तैयारी

अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर नागरिकता हासिल करने की कोशिश करने वाले ‘बर्थ टूरिज्म’ नेटवर्क पर ट्रंप प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ऐसे लोगों और व्यावसायिक नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों पर लक्षित वीजा प्रतिबंधों की घोषणा की है। इसके साथ ही वीजा धोखाधड़ी की जानकारी देने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग ने एक नया ऑनलाइन शिकायत तंत्र भी शुरू किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की कि वाणिज्यिक तौर पर बर्थ टूरिज्म की व्यवस्था कराने वाले लोगों के खिलाफ वीजा प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इस कार्रवाई का दायरा केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जो इस तरह की यात्रा की योजना बनाते हैं। बर्थ टूरिज्म के लिए यात्रियों की व्यवस्था करने वाले व्यावसायिक संचालकों, मालिकों, अधिकारियों, प्रबंधकों और बिचौलियों को भी इसके दायरे में रखा गया है। विदेश विभाग के मुताबिक कुछ मामलों में संबंधित लोगों के करीबी परिवार के सदस्य भी इन प्रतिबंधों के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन रिश्तेदारों पर और किन परिस्थितियों में प्रतिबंध लागू होगा।

क्या है बर्थ टूरिज्म?
बर्थ टूरिज्म का मतलब ऐसे मामलों से है, जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश में बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से यात्रा करता है और बच्चे को वहां मिलने वाली नागरिकता का लाभ हासिल करना चाहता है। अमेरिका में यह मुद्दा लंबे समय से नागरिकता और आव्रजन व्यवस्था से जुड़ी बहस का हिस्सा रहा है। अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में 1868 में नागरिकता से संबंधित प्रावधान किया गया था, जिसके तहत अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में जन्म लेने वाले या प्राकृतिक रूप से नागरिक बनने वाले लोगों को नागरिकता का अधिकार दिया गया।  हालांकि ट्रंप प्रशासन की मौजूदा कार्रवाई का फोकस कथित व्यावसायिक बर्थ टूरिज्म और उससे जुड़ी वीजा धोखाधड़ी पर है।मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि विदेशी व्यावसायिक बर्थ टूरिज्म नेटवर्क अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था का इस्तेमाल मुनाफे के लिए करते हैं। उनके मुताबिक कुछ नेटवर्क वीजा आवेदकों को अधिकारियों के सामने गलत जानकारी देने के लिए तैयार करते हैं और अमेरिका में प्रसव की व्यवस्था कराते हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ऐसी गतिविधियां वीजा प्रक्रिया के दुरुपयोग से जुड़ी हो सकती हैं। यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 212(a)(3)(C) के तहत की जा रही है।  अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा धोखाधड़ी की शिकायतों के लिए एक नया डिजिटल माध्यम भी शुरू किया है। इसमें लोग कथित तौर पर होने वाली कई तरह की धोखाधड़ी की जानकारी दे सकते हैं। इनमें फर्जी यात्रा विवरण, दलालों के जरिए कराई गई नकली शादियां, कागजी कंपनियां, फर्जी नौकरी के प्रस्ताव और बर्थ टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य वीजा धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी को जल्दी हासिल करना और उसकी समीक्षा करना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here