पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है तथा राज्य के 15 जिलों में 50 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और 88 प्रखंडों की 576 ग्राम पंचायतें जलमग्न हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या 50 लाख का आंकड़ा पार कर गई है।बयान के मुताबिक, 15 जिलों के 50.49 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं। विभाग ने बताया कि कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि गंगा नदी कहलगांव में खतरे के स्तर को पार कर चुकी है। बयान के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई अब तक लगभग 1.96 करोड़ लोगों को भोजन उपलब्ध करा चुकी हैं। वहीं, छह राहत शिविरों में 7,714 विस्थापित लोगों को भोजन और चिकित्सीय सुविधाओं के साथ आश्रय दिया जा रहा है।
राहत एवं बचाव कार्यों के तहत राज्य में 391 नावें तैनात की गई हैं, जबकि एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की आठ टीमें प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 4.54 लाख पॉलीथिन शीट, 96,300 सूखा राशन पैकेट, लगभग 1,400 खाद्य पैकेट तथा 18,302 क्विंटल पशु चारा वितरित किया जा चुका है।इस बीच, बिहार मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद राज्य में एक जून से अब तक सामान्य से 29 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में 661.9 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से कम है। मौसम विभाग ने 23 से 26 सितंबर के बीच राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है।



















